TRP 2021: TRP Kya Hota Hai, टीआरपी रेटिंग क्या होता है?

TRP 2021: TRP Kya Hota Hai, टीआरपी रेटिंग क्या होता है? | टीआरपी रेटिंग क्या होता है? | trp कैसे तय होती है | टीआरपी का फुल फॉर्म क्या है,

TRP Kya Hota Hai

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से हम आपको TRP Kya Hota Hai के बारे में पूरी जानकारी देने वाले है TRP 2021: TRP Kya Hota Hai, टीआरपी रेटिंग क्या होता है? तो दोस्तों अगर आप भी टीआरपी रेटिंग के बारे में जानना चाहते है तो आप हमारे इस लेख को ध्यान से अंतिम तक जरुर पढ़े।

TRP 2021: TRP Kya Hota Hai, टीआरपी रेटिंग क्या होता है?

TRP यानी Television Rating Point टीआरपी क्या है यह कैसे काम करता है। इसके क्या उपयोग है। आज हमलोग इसी पर बात करेंगे। आपने टीआरपी शब्द सुना तो बहुत बार होगा परंतु इसका सही मतलब आप भी नहीं जानते होंगे। आज हम आपको टीआरपी का सही अर्थ बताने वाले हैं हमारी इस पोस्ट के जरिए आप देखेंगे कि टीवी में सीरियलों को मिलने वाली टीआरपी का क्या मतलब होता है।

TRP 2021: TRP Kya Hota Hai

TRP जरिए ही यह पता चलता है कि कोई शो टीवी पर कितना अधिक देखा गया ये पॉइंट्स ही बताते हैं कि कोई शो कितना हिट जा रहा है, या उसे कोई पूछ ही नहीं रहा। इसी वजह से अक्सर आपने टीवी चैनलों को अपने प्रोग्राम की TRP की नुमाइश करते भी देखा होगा।

टीआरपी क्या होता है?

टीआरपी जिसे संपूर्ण रूप से टेलीविजन रेटिंग पॉइंट (Television rating point) भी कहा जाता है। टीआरपी ग्राफिक ऐसा ग्राफ होता है जहां पर आपको यह पता चल सकता है कि कौन सा शो और कौनसा चैनल सबसे ज्यादा लोगों द्वारा देखा जाता है। टीआरपी पता लगाने के लिए बड़े-बड़े शहरों में कुछ खास तरह के डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है जिन्हें चुनिंदा जगहों पर लगाया जाता है इस डिवाइस को पीपल मीटर के नाम से जाना जाता है।

टीआरपी का पता कैसे लगाया जाता है?

टीआरपी क्या है यह बात तो आपको समझ आ ही गई होगी अब मुख्य बिंदु यह है की टीआरपी का पता कैसे लगाया जाता है कि किस जगह के लोग कौन से शो को ज्यादा देख रहे हैं और ज्यादा पसंद कर रहे हैं। विशेष स्थानों पर लगाया जाने वाला पीपल मीटर अपनी डिवाइस कनेक्टिविटी के जरिए आपके घर में मौजूद सेट टॉप बॉक्स से डायरेक्ट कनेक्ट हो जाती है। यही मुख्य कारण है कि केवल ऑपरेटर आपके घर में टीवी के साथ सेट टॉप बॉक्स लगाने पर जोर देते हैं।

भारत 2020 इस सप्ताह में सबसे ज्यादा टीआरपी शो

सेट टॉप बॉक्स के जरिए आसानी से टीआरपी का सही अनुमान लगाया जा सकता है इसलिए जो विशेष स्थानों पर पीपल मीटर लगाए जाते हैं उनके आसपास जितने भी सेट टॉप बॉक्स होते हैं उन सब की जानकारी मॉनिटर करने वाली टीम के पास अपने आप चली जाती है।

भारतीय समाचार चैनल टीआरपी रेटिंग 2020

मॉनिटर टीम के पास सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह जाती है कि किस एरिया में सबसे ज्यादा कौन से चैनल देखे जा रहे हैं और उन चैनल में मुख्य ऐसा कौन सा शो है जिसे लोगों के द्वारा सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। रेटिंग के हिसाब से इन सब बातों की जानकारी टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट के जरिए मॉनिटर करने वाली टीम के पास पहुंच जाती है। पीपल मीटर अपने आसपास के स्थान को पूरी तरह से एनालिसिस कर देता है और अपनी मॉनिटरिंग टीम तक पूरी जानकारी तुरंत मॉनिटरिंग टीम के पास पहुंचा देता है।

TRP से टीवी चैनलों की कमाई का क्या सिस्टम है?

टीवी चैनलों की कमाई का पूरा सिस्टम इसी TRP से चलता है टीवी चैनलों को अपनी आमदनी का 90 फीसदी हिस्सा विज्ञापनों से मिलता है। इन विज्ञापनों को दिखाने का हर टीवी चैनल का अपना-अपना रेट होता है। यह रेट इस बात से ही तय होता है कि किसी चैनल को कितने ज्यादा लोग देख रहे हैं। जिसकी ज्यादा TRP, उसके पास विज्ञापन देने वालों की उतनी ज्यादा भीड़ और इस भीड़ के चलते उसके विज्ञापनों के उतने ही ज्यादा रेट।

टीआरपी कम या ज्यादा होने पर चैनल पर क्या असर पड़ता है

सैकड़ों टीवी सीरियल प्रत्येक टीवी चैनल पर दर्शाए जाते हैं उनमें से सबसे ज्यादा पसंदीदा शो दर्शकों का कौन सा होता है वह तो टीआरपी मॉनिटरिंग टीम ही बता सकती है। ऐसे में यदि किसी चैनल की टीआरपी कम हो जाती है तो उस चैनल पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है क्योंकि उस चैनल को अच्छे-अच्छे एडवर्टाइजमेंट नहीं मिलते हैं।

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